फागुन महीनाBy Ramesh kumar chauhan / February 22, 2023 फागुन फगुआ फाग के, रास रचे हे राग ।महर-महर ममहाय हे, बगर-बगर के बाग ।।बगर-बगर के बाग, बलावय बसंत राजा ।जाग जुड़ावत जाड़ हे, घमावत घमहा बाजा ।।राचय रास रमेश, संग मा संगी सगुआ ।सरसो परसा फूल, लजावय फागुन फगुआ ।।
बहुत सुन्दर