बेटी-बहूBy Ramesh kumar chauhan / June 18, 2021 बेटी-बहूबेटी हमरे आज के, बहू कोखरो काल ।बहू गढ़य परिवार ला, राखय जोर सम्हाल ।।राखय जोर सम्हाल, बहू जइसे हे चिरई ।तिनका-तिनका जोर, खोंधरा ओखर बनई ।।सास-ससुर मां बाप, मान राखय जी तुहरे ।सुग्घर बहू कहाय, मान तब बेटी हमरे ।।
Bahut khub sir
👌👌👌👌nice