ये राखी तिहार

 ये राखी तिहार

ये राखी तिहार,
लागथे अब,
आवय नान्हे नान्हे मन के ।
भेजय राखी,
संग मा रोरी,
दाई माई लिफाफा मा भर के ।
माथा लगालेबे,
तै रोरी भइया,
बांध लेबे राखी मोला सुर कर के ।
नई जा सकंव,
मैं हर मइके,
ना आवस तहू तन के ।
सुख के ससुरार भइया
दुख के मइके,
रखबे राखी के लाज
जब मै आवंह आंसू धर के ।

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