बेटी-बहू

बेटी-बहू

बेटी हमरे आज के, बहू कोखरो काल ।

बहू गढ़य परिवार ला, राखय जोर सम्हाल ।।

राखय जोर सम्हाल, बहू जइसे हे चिरई ।
तिनका-तिनका जोर, खोंधरा ओखर बनई ।।
सास-ससुर मां बाप, मान राखय जी तुहरे ।
सुग्घर बहू कहाय, मान तब बेटी हमरे ।।

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