सुरहोत्तीBy Ramesh kumar chauhan / November 4, 2021 सुरहोत्ती ये गॉंव के, हवय सरग ले नीक ।मंदिर-मंदिर मा जले, रिगबिग दीया टीक ।।रिगबिग दीया टीक, खेत धनहा डोली मा ।घुरवा अउ शमशान, बरत दीया टोली मा ।सुनलव कहय रमेश, देख तैं चारों कोती ।हवय सरग ले नीक, गॉंव के ये सुरहोत्ती ।।