स्कूल के टूर
आज स्कूल के टूर मा, घूमेन ठउर पांच ।कौशिल्या मां ठउर ले, घूचापाली सांच ।राजिम चम्पारण ठउर, खल्लारी तो गेन।संग
आज स्कूल के टूर मा, घूमेन ठउर पांच ।कौशिल्या मां ठउर ले, घूचापाली सांच ।राजिम चम्पारण ठउर, खल्लारी तो गेन।संग
तोर-मोर माया घोर हे, न ओर हे ना छोर । तोर ह तो तोरे हवय, अउ मोरे हा मोर
दरस-परस बर हम आयेंन, मन के मनौती ल पायेंन सिहोर के दरस पायेंन, कुबरेश्वर के सरस पायेंन । कंकर-कंकर शिव
मनखे के सुभाव मोर तोर तोर मोर पोर पोर हे घुरे मोर तोर तोर मोर के सुभाव हा चुरे लोभ
श्रृंगारिक फागगीत चल हां गोरी, तोर नयना म जादू हे चल हां गोरी, तोर नयना म जादू हे, मोला करे
पारंपरिक फागगीत चलो हां यशोदा धीरे झुला दे पालना चलो हो यशोदा धीरे झुला दे पालना तोर ललना उचक न
फागुन फगुआ फाग के, रास रचे हे राग । महर-महर ममहाय हे, बगर-बगर के बाग ।। बगर-बगर के बाग, बलावय
जड़काला म जाड़ लगे, गरमी म लगे घाम । बाढ़े लइका मा लगय, मया प्रीत के खाम ।। मया प्रीत
कइसे कहँव किसान ला, भुइया के भगवान । लालच के आगी बरय, जेखर छतिया तान ।। जेखर छतिया तान, भरे
सुरहोत्ती ये गॉंव के, हवय सरग ले नीक । मंदिर-मंदिर मा जले, रिगबिग दीया टीक ।। रिगबिग दीया टीक, खेत